इंसान पैदा होकर भगवान बनने का हुनर है “माँ “


👹 तिरिभिन्नाट एक्सप्रेस 👹
आज रविवार है मल्ल्ब के sunday, मल्ल्ब के विदेसियों के एक न एक दिन को सेलिब्रेट करने का दिन…तो आज उनने घोषित कर दिये “मदर्स डे”..
तो जगे जगे माँ को लेके स्टेटस, चेपा- चापी के msg, ने फलाना गाने वाने लग रिए…
अरे भिया माँ पे कोई क्या लिखेगा.?
1 अक्षर का ये शब्द माँ संसार की हर भाषा की वर्णमाला को समा ले पर फिर भी माँ की महिमा का 0.00000001% भी बखान नही कर पाए…
पेट मे लेकर तगारी ढोने वाली माएं देखो आज बी..जबलपुर मे क्रूज़ पलटा तो मरते मर गयी पर अपनी औलाद को छाती से नही अलग करा 😥
बाप की गाली खाकर आज बी बच्चे का पक्ष लेती है माँ..सुधरा तो सबका,ने औलाद बिगड़ी तो माँ के माथे..मै इस उम्र का हो चला पर आज बी सबसे पहले खाने की चिंता करती मेरी माँ..आज बी उनकी गोद मे सिर रख दु तो टप टप आंसू.. आज बी छोटे बच्चे जैसा लाड..आज भी उतनी ही डांट..ओर तो ओर तरबूज का मीठा हिस्सा मेरे लिए ओर सफ़ेद वो खाये..(इस मामले मे गर्दन काटे देते हैँ लोग 😜 छोटा बलिदान नी है ये)..
अरे बचपन मे चोट लगा के आते तो पेले तो 2 मुक्के देती..फिर बोरो पल्स लगाकर सारी रात रोती.. ये है माँ का दुलार..
हम तुम सिर्फ एक रविवार को इस “जीते जागते भगवान” की महिमा के गुणगान का दिन मत समझो…365 दिन के हर एक पल भी माँ पर लिखो..हर एक भाषा मे लिखो..हर लिखवाट मे लिखो..माँ की महिमा अनंत है..सच है ईश्वर हर किसी के साथ नही रह सकता तभी उसने हर घर अपना अवतार दिया…संत,दुष्ट हर एक को धरती पर आने का माध्यम बनाया माँ को..तो भाई लोग मंदिर जाओ..भगवान रिझाओ..पर सबसे पहले अपने साये की तरह खड़े असली भगवान अपनी माँ को खुश रखो..
घोषित दिवस ही नही हर दिन मातृ दिवस मनाओ..सही रास्ते चलो..प्रेम से 2 शब्द बोल लो..यकीन करो माँ इसी मे रिझ जाएगी..2 शब्दों के बदले सारी दुआएँ तुझ पर लुटायेगी..
जय माता दी
🙏🏻
10/05/1980
विकास शर्मा
दैनिक अमर श्याम
9827076006

tiribhinnat #amarshyam #तिरिभिन्नाट

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संपादक:विकास शर्मा

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